देखो ये डरा रहा है
दिल से गा भी नही सकता है ये डरपोक साला ।
सबकुछ होते हुए भी पास
रोते ही रहते है कई
गलत लोगो को सुनाये गाने
इससे बड़ी सजा है क्या
बेक़दरो से करके प्यार
उम्र गवाई हमने यार
भोगदा खरीददार कदरदान
मिल जाते है सबको कहा !!
ओ बरसात !जमीन को मत ढूढ !!
मैं बरसात हु या धोध
अब पड़ा न मालूम
गति हो या स्पेस
बस यही तो लेंનदेंન है
विविध रूप से प्रार्थना होती है ।
अतः सबकी अलग है किन्तु एक के लिये ।
कोई किसीको पूरा नही समजा शकता ।
क्योकि कुछ तो दूसरे के पास है ही ।
ये अधूरा पन का ज्ञान ही ज्ञान है ।
वैसे तो मेरा कुछ भी नही है ।
लेकिन ये सब जिसका है वो जिसका है उसीका ही मैं हु ।
जीव प्रकाश जानी यदी मानी
त्रिकाल समग्र दर्शन
मन तेरो दर्शन जाय अधुरो
यही तो माया मात रे
प्रार्थना करने से अहमून है
समा जाने में नही ।
इसीलिए प्रार्थना से बेटर ध्यान है ।
परम के अस्तित्व से ही काल है ।
अकाल सिख है न ।
यह काल और अवकाश दो हुए।
काल के कारण गति का होना ।
यही से वायु ।
आत्मतत्व से महा विस्फोटक शक्ति युक्त अणु का होना ।
फिर के अणु रचना ।
जो एलीमेन्ट कम्पाउंड मिक्सचर ।
धातु मूल जीव।
सब कहा पांच इन्द्रिय वाले है ।अलसिया earthwarmको तो आंख ही नही होती है